सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म LinkedIn यूजर्स ने इस साल दूसरी बार बड़े पैमाने पर डेटा उल्लंघन का अनुभव किया है। एक नए ब्रीच में लिंक्डइन के 70 करोड़ से अधिक यूजर्स का डेटा लीक हो गया है। जिसे लेकर कहा जा रहा है कि इस लीक में LinkedIn के करीब 92 फीसदी यूजर्स के डाटा शामिल हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो इस ब्रीच में लिंक्डइन यूजर्स की पर्सनल डिटेल्स जैसे की फोन नंबर, एड्रेस, जिओलोकेशन डेटा और सैलरी से जुड़ी जानकारी शामिल हैं। ये सभी डिटेल्स अब डार्क वेब पर बिक्री के लिए तैयार है।
92 फीसदी यूजर्स का डेटा हुआ ब्रीच
रिपोर्ट के मुताबिक LinkedIn के 92 परसेंट यूजर्स का डेटा ब्रीच हुआ है। इस ब्रीच से जुड़ी जानकारी जब सामने आई जब एक लोकप्रिय हैकर फोरम के उपयोगकर्ता ने 22 जून को 700 मिलियन लिंक्डइन उपयोगकर्ताओं के डेटा के लिए एक विज्ञापन पोस्ट किया। जिस हैकर ने इस डेटा को निकाला है उसने सैंपल के तौर पर 1 मिलियन रिकॉर्ड को पोस्ट भी किया है।
70 करोड़ यूजर्स का नया डेटासेट बिक्री के लिए उपलब्ध
डार्क वेब पर 700 मिलियन (70 करोड़) यूजर्स का नया डेटासेट भी बिक्री पर है, रिस्टोर प्राइवेसी ने सबसे पहले इस लिस्टिंग को डार्क वेब पर देखा था और सैंपल डेटा को 9to5Google द्वारा क्रॉस-वेरिफाई किया गया था। डार्क वेब पर प्रकाशित किए गए सैंपल डेटासेट में ईमेल पते, पूरा नाम, फोन नंबर, फिजिकल एड्रेस, जियोलोकेशन रिकॉर्ड, लिंक्डइन यूजर्स नाम और प्रोफ़ाइल यूआरएल, अनुमानित वेतन, पर्सनल और प्रोफेशनल एक्सपीरियंस/बैकग्राउंड, लिंग और सोशलमीडिया अकाउंट्स और यूजरनेम जैसी जानकारी शामिल हैं।
9to5Google यह भी रिपोर्ट करता है कि हैकर ने लिंक्डइन एपीआई का फायदा उठाकर डेटा जुटाया है। डेटासेट में पासवर्ड शामिल नहीं है, लेकिन जानकारी अभी भी बहुत मूल्यवान है और पहचान की चोरी या फ़िशिंग प्रयासों के बराबर हो सकती है।
इससे पहले इस साल अप्रैल में लिंक्डइन ने 500 मिलियन (50 करोड़) यूजर को प्रभावित करने वाले डेटा ब्रीच की पुष्टि की, जिसमें पर्सनल डिटेल्स जैसे ईमेल एड्रेस, फोन नंबर, वर्कप्लेस की जानकारी, पूरा नाम, अकाउंट आईडी, उनके सोशल मीडिया अकाउंट के लिंक और जेंडर डिटेल्स ऑनलाइन लीक किए गए थे।
लिंक्डइन ने अपनी सफाई में ये कहा
लिंक्डइन के अनुसार, इसे डेटा ब्रीच का सामना नहीं करना पड़ा, बल्कि नेटवर्क को स्क्रैप करने से जानकारी प्राप्त हुई। लिंक्डइन ने अपनी सफाई देते हुए बताया- “हम अभी भी इस मुद्दे की जांच कर रहे हैं, हमारा प्रारंभिक विश्लेषण हिंट करता है कि डेटासेट में लिंक्डइन से स्क्रैप की गई जानकारी के साथ-साथ अन्य स्रोतों से प्राप्त जानकारी शामिल है। यह लिंक्डइन डेटा ब्रीच नहीं था और हमारी जांच ने निर्धारित किया है कि किसी भी निजी लिंक्डइन मेंबर का डेटा उजागर नहीं हुआ था। लिंक्डइन से डेटा को स्क्रैप करना हमारी टर्म ऑफ सर्विस का उल्लंघन है और हम यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं कि हमारे सदस्यों की गोपनीयता सुरक्षित है।”
जानकारी को सेफ रखने के लिए करें ये काम
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को जितना यूज करना आसान है उतना ही इन्हें सेफ रखना मुश्किल है। इसलिए ऐप्स की सेफ्टी, सिक्टोरिटी और प्राइवेसी सेटिंग्स को देखना महत्वपूर्ण है और सुनिश्चित करें कि ये ठीक से सेट अप हो। ध्यान रखें कि आपने एक मजबूत पासवर्ड सेट किया है और उसे बार-बार बदलने की आदत डालें। साथ ही, जहां कहीं भी टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) उपलब्ध हो उसे इनेबल कर लें।





