AI Summit 2026 LIVE: Day 5 of the India AI Impact Summit in New Delhi, a major brainstorming session on policy and innovation

AI Summit 2026 LIVE: नई दिल्ली में India AI Impact Summit का पांचवां दिन, नीति और नवाचार पर बड़ा मंथन

नई दिल्ली में आयोजित AI Summit 2026 LIVE के तहत India AI Impact Summit का पांचवां दिन तकनीक, नीति और उद्योग जगत के लिए बेहद अहम साबित हुआ। देश-विदेश के विशेषज्ञों, स्टार्टअप संस्थापकों, नीति निर्माताओं और टेक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के भविष्य, उसके सामाजिक प्रभाव और भारत की भूमिका पर गहन चर्चा की। राजधानी नई दिल्ली एक बार फिर ग्लोबल टेक डायलॉग का केंद्र बन गई है।

एआई नीति और रेगुलेशन पर फोकस

पांचवें दिन का मुख्य आकर्षण AI गवर्नेंस और डेटा सुरक्षा पर केंद्रित सत्र रहे। विशेषज्ञों ने कहा कि भारत को एआई इनोवेशन के साथ-साथ मजबूत नियामक ढांचा भी तैयार करना होगा, ताकि तकनीक का जिम्मेदार और सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित हो सके। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा लोकलाइजेशन और एथिकल एआई जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ।

सरकारी प्रतिनिधियों ने बताया कि भारत एआई को कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। “AI for All” की सोच के तहत टेक्नोलॉजी को आम नागरिक तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

स्टार्टअप और इनोवेशन का दम

समिट में कई भारतीय स्टार्टअप्स ने अपने एआई आधारित उत्पाद और समाधान पेश किए। हेल्थटेक, फिनटेक, एडटेक और एग्रीटेक सेक्टर में एआई के उपयोग ने निवेशकों का ध्यान खींचा। युवा उद्यमियों ने बताया कि भारत का विशाल डेटा इकोसिस्टम और प्रतिभाशाली डेवलपर्स एआई नवाचार के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं।

निवेशकों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत एआई स्टार्टअप हब के रूप में उभर सकता है। वैश्विक कंपनियां भी भारतीय बाजार में एआई रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने में रुचि दिखा रही हैं।

शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर चर्चा

AI Summit 2026 के पांचवें दिन शिक्षा और कौशल विकास पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने कहा कि एआई आधारित अर्थव्यवस्था में नए प्रकार की नौकरियां पैदा होंगी, लेकिन इसके लिए युवाओं को अपस्किल और रिस्किल करना जरूरी होगा। विश्वविद्यालयों और टेक संस्थानों को उद्योग के साथ मिलकर एआई पाठ्यक्रम तैयार करने की सलाह दी गई।

स्कूल स्तर पर कोडिंग और डेटा साइंस की पढ़ाई को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, ताकि आने वाली पीढ़ी तकनीकी बदलाव के लिए तैयार रह सके।

उद्योग और सरकार की साझेदारी

समिट के दौरान पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को मजबूत करने पर सहमति बनी। उद्योग जगत के नेताओं ने कहा कि सरकार की नीतिगत सहायता और स्पष्ट दिशा-निर्देश एआई सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देंगे। साथ ही, साइबर सुरक्षा और डेटा गोपनीयता को प्राथमिकता देने की जरूरत पर भी बल दिया गया।

वैश्विक सहयोग की दिशा में कदम

India AI Impact Summit में कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिससे भारत की वैश्विक एआई रणनीति को मजबूती मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए एआई समाधान विकसित करने में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।

कुल मिलाकर, AI Summit 2026 LIVE का पांचवां दिन नीति, नवाचार और साझेदारी के नए आयाम तय करने वाला रहा। नई दिल्ली में चल रहे इस समिट ने स्पष्ट संकेत दिया है कि भारत एआई क्रांति में केवल सहभागी ही नहीं, बल्कि नेतृत्व करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में इस समिट से और बड़े ऐलान और रणनीतिक पहल सामने आने की उम्मीद है।

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